SANSTHA KA UDDESHYA

                                                    संस्था का उद्देश्य
बेरोजगारी प्रोजेक्ट के अनुसार हमारी संस्था के द्वारा सभी चीजों को बेचने के लिए एक मेला लगाया जायेगा | बिक्री द्वारा मुनाफे के पैसों का उपयोग प्रोजेक्ट में काम करनेवाले कर्मचारियों को वेतन देने में एवँ समाज की सेवा के लिए ही किया जायेगा | बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध करवाना एवँ उनकी योग्यताओं को विकसित करना हमारी संस्था का उद्देश्य है |

                                             बेरोजगारी प्रोजेक्ट-१
१)       गाँव के बेरोगारों को घरेलु चीजें जैसे डेकोरेशन, सॉफ्ट टॉयज, नाश्ते बनाना आदि सिखाया जायेगा |
२)       उसके लिए सभी को गाँव में एक निर्धारित स्थान पर एकत्रित होना होगा |
३)       दिन के १-२ घंटे सोमवार से शुक्रवार तक उन्हें ये चीजें बनानी होंगी |
४)       फलस्वरूप उन्हें अपनी बनाई हुई चीज के प्रति किलो के बदले वेतन दिया जायेगा |
५)       उन वस्तुओं को संस्था एकत्रित करेगी और मार्केटिंग करेगी |
६)       बिक्री के मुनाफे के बढ़ने के साथ-साथ उनका वेतन भी बढाया जायेगा |
७)       हर शनिवार को उनके लिए हरिनाम कीर्तन एवँ प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी |

                        बेरोजगारी प्रोजेक्ट-
       अगर गाँव के मुख्या व्यक्ति अथवा सेवाभावी बंधू-भगिनी ऊपर दिए हुए प्रोजेक्ट-१ की जिम्मेदारी निभादे के इच्छुक हैं, तो उनकी निगरानी में यह कार्य किया जा सकता है, जिससे वही मुख्य व्यक्ति बेरोजगारों से इस प्रकार चीजें बनवाकर उन्हें मार्किट में बेचे एवँ उन्हें वेतन दे | अगर किसी कारणवश वे ऐसा करने में सक्षम न हो तो उन चीजों को वे हमारी सेवा संस्था को दे सकते हैं | उसका मार्केटिंग संस्था करेगी |
                              
                                         शिक्षित बेरोजगारों के लिए प्रोजेक्ट
१)    हमारी संस्था द्वारा एक पत्रिका का निर्माण किया जायेगा, जो हर माह छपेगी |
२)    उसमें शिक्षित बेरोजगारों को नाम, पता, शैक्षणिक योग्यता, अतिरिक्त योग्यता 
   आदि जानकारी भरनी होगी |
३)     उसी पत्रिका में जिनके ऑफिस, कारखाने आदि में वेकेंसी हो तो ऐसे व्यक्ति भी 
   अपना विज्ञापन दे सकते हैं |
४)    इस प्रकार इस पत्रिका द्वारा शिक्षित बेरोजगारों को उनकी योग्यता अनुसार नौकरी 
   दिलवाने का प्रयास किया जायेगा |

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