सफल दांपत्य जीवन के उपाय
आदर्श दाम्पत्य जीवन शास्त्रों में गृहस्थाश्रम को सारे आश्रमों का मूल कहा गया है | हमारी संस्कृति में जिन सोलह संस्कारों का महत्त्व है उनमें विवाह संस्कार सर्वोपरि है | विवाह परिवार के मंदिर का मुख्य द्वार है | परिवार से तात्पर्य निजी संबंधों को सुनियोजित व्यवस्था और जीवन यापन के लिए किये गए समन्वित प्रयासों से है और दायित्व जिसके मूल में है | पति-पत्नी के रिश्ते को मन-वचन, कर्म, धर्म से निभाना होता है | आज के भौतिकवादी युग में पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से इस रिश्ते में व्यापक परिवर्तन आ रहा है जिसके कारण इस रिश्ते में जहर घुल रहा है | दाम्पत्य जीवन की आधारशिला है प्रेम, त्याग, समर्पण, सहयोग, सद्भावना, संस्कार, सौम्यता, शिष्टाचार, समदृष्टिकोण, क्षमाशीलता जैसे सद्गुण जो सतत प्रयासों की प्रक्रिया है | हम आपको कुछ ऐसी बातों से अवगत कराते हैं जिससे आपका दाम्पत्य जीवन सुखी हो सकता है :- १) दाम्पत्य जीवन में प्रेम ...