PRARTHANA
प्रार्थना १) है प्रार्थना गुरुदेव से यह स्वर्गसम संसार हो अति उच्चतम जीवन बने परमार्थमय व्यव्हार हो है प्रार्थना....... 2)ना हम रहे अपने लिए , हमको सभी से गरज है तुकड्या कहे आशीष दे जो सोचने का फर्ज है है प्रार्थना............ 3)हो चिढ़ झूठी राह की, अन्याय की अभिमान की सेवा करें हैं दास जो, पर्वा नहीं हो प्राण की है प्रार्थना............ 4)हम हो पुजारी तत्त्व के, गुरुदेव के आदेश के, सत प्रेम के, नित नेम के, सद्धर्म के, सत्कर्म के है प्रार्थना............. छोटे न हो हम बुद्धि से ..... 5)चलते रहे सतराह पर, हो विश्वमय से ईशमय, सतप्रेममय, सद्धर्ममय, जगदीशमय से आनंदमय है प्रार्थना................ 6)सब इन्द्रियों पर ताब कर अति धीर हो अति वीर हो सतशील हो, तुम वीर हो, पवित्र हो, सतशिष्य हो कवी-राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज चलेंगे हम सद्गुरुवर चलेंगे हम सद्गुरुवर तुम्हारे ही इशारों पर न है चिं...