naari sanskar
naari sanskar हम जब आदर्श नारी के बारे में सोचते हैं तो हमारे सामने छवि आती है उन प्राचीन भारत की नारियों की जिन्होंने अपनी दिव्यता, बुद्धिमत्ता, पवित्रता, सच्चरित्रता और संकल्पबल से मनुष्यों को ही नहीं बल्कि भगवान तक को अपने आगे झुकने पर विवश कर दिया | उदाहरणार्थ गार्गी, सुलभा, सति अनुसूया, मदालसा, रानी चुड़ाला आदि | भारतीय समाज में नारी का एक विशिष्ट गौरवपूर्ण स्थान रहा है और रहेगा | व्यव्हार में पुरुष-मर्यादा से नारी-मर्यादा सदा ही उत्कृष्ट मानी गयी है | हिन्दू संस्कृति इस भावना से परिपूर्ण है :- यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता: | यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफला: क्रिया: || जिस कुल में नारी का समादर होता है वहाँ देवता प्रसन्न रहते हैं और जहाँ ऐसा नहीं होता, उस परिवार में समस्त (...