शास्त्रीय संगीत भजन
जागो मोहन प्यारे तुम
जागो मोहन प्यारे तुम,
साँवरी सूरत मोरे मन भाए,
सुन्दर लाल हमारे ....
प्रातः समय उठ भानू उदय
भयो,
ग्वाल बाल सब भूपत ठाड़े
दरसन के सब भूखे प्यासे,
उठियो नंदकिशोर दुलारे
जागो मोहन प्यारे तुम......
आयो रे आयो रे घनश्याम
मुरारी,
प्रीत लगी है तुम संग
मोरी
आन पड़े मोरे लाल मुरारी
राम सुमिर राम सुमिर
यही तेरो काज है
माया को संग त्याग
प्रभुजी के चरण लाग
जगत सौख्य नाम झूठ
मिथ्या सब साज है |
कौन गली गयो श्याम बता दे
सखी
गोकुल ढूंढी वृन्दावन
ढूंढी
ढूंढी चारों धाम, बता दे
सखी
प्रभु बिन जीवन असार भासे
देखिन चरण सुकोमल कैसे
प्रभु कृपेने नटुनी चराचर
देखिन मजसी गमे उपहासे |
सुमिरन कर हरी नाम तू
मनवा
जीवन है दो दिन का सपना
अंत समय कोई काम ना आवत
गुरु प्रभु बिन कोई न
अपना |
तू ही सूर्य तू ही चन्द्र
तू ही पवन तू ही अगन
तू ही व्याप्त तू आकाश
भावरुद्रग्र सर्व पशुपति
सम समान
ईशान भीम सकल तेरे ही
अष्टनाम
तू ही पाताल तू ही स्वर्ग
तू ही मृत्यु तू ही जीवन
तू ही व्याप्त तू सर्वस्व
विष्णुरूप सर्व अग्र सम
समान
सर्व ब्रह्म सकल तेरे ही
अष्टनाम
आनंदमयी भारती








Comments